ब्रितानी प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे को बीते साल नवंबर में यूरोपीय संघ के साथ हुए ब्रेक्ज़िट समझौते पर फिर से वार्ता करने की योजना के लिए सांसदों का समर्थन मिल गया है.
कंज़रवेटिव पार्टी के सांसद ग्राहम ब्रेडी के प्रस्ताव पर हुए मतदान में प्रधानमंत्री के समर्थन में 16 अधिक वोट पड़े.
ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से अलग होने की तारीख़ नज़दीक आ रही है लेकिन अलग होने का कोई स्पष्ट रास्ता अभी दिख नहीं रहा है.
प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे का मूल समझौता संसद से पारित नहीं हो सका था. हालांकि वो लेबर पार्टी की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव में जीत गईं थीं.
टेरीज़ा मे ने सांसदों से अपील की थी कि वो उन्हें यूरोपीय संघ के साथ फिर से समझौता करने का मौका दें. अब ये मौका संसद ने उन्हें दे दिया है.
ब्रितानी प्रधानमंत्री ने अपने समझौते में कई संशोधन करने के प्रस्ताव सदन में पेश किए जिन्हें सांसदों का समर्थन मिल गया है.
भेल ही टेरीज़ा मे को फिर से बात करने की मंज़ूरी अपने देश की संसद से मिल गई है मगर यूरोपीय संघ का कहना है कि वो ब्रितानी प्रधानमंत्री के साथ हुए समझौते की क़ानूनी भाषा को नहीं बदलेगा.
प्रधानमंत्री मे का कहना है कि यूरोपीय संघ से वार्ता के बाद उनका संशोधित समझौता जल्द से जल्द मतदान के लिए संसद के निचले सदन में पेश किया जाएगा.
संसद ने बिना समझौते के यूरोपीय संघ से अलग होने के ख़िलाफ़ लाए गए संशोधन को भी पारित कर दिया.
हालांकि ये अनिवार्य रूप से लागू नहीं होगा और यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के अलग होने की तारीख़ अभी भी 29 मार्च ही बनी हुई है.
इसी बीच लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कोर्बिन ने कहा है कि वो प्रधानमंत्री से मिलकर नए हालात पर चर्चा करेंगे.
ब्रिटेन की जनता ने एक जनतमतसंग्रह में यूरोपीय संघ से अलग होने का फ़ैसला लिया था.
ब्रिटेन को मार्च के अंत तक यूरोपीय संघ से अलग होना है. प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे चाहती हैं कि ब्रिटेन यूरोपीय संघ के साथ समझौता करके अलग हो.
इसी बीच यूरोपीय संघ के अध्यक्ष डोनल्ड टुस्क ने कहा है कि ब्रिटेन के साथ तय हुए समझौते पर फिर से वार्ता नहीं की जाएगी और मौजूदा हालात में ब्रिटेन के यूरोप से अलग होने का यही सबसे सही और एकमात्र रास्ता बचा है.
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